सीमांत घर्षण किसे कहते हैं - ldkalink
सीमांत घर्षण (limiting fraction in Hindi) से तात्पर्य यह एक प्रकार का बल ही है जब एक वस्तु किसी दूसरी वस्तु पर फिसलने की स्थिति में होता है तो इनके संपर्क तलो के बीच लगने वाले बल सीमांत घर्षण बल कहलाता है।
अतः सीमांत घर्षण (simant gharshan bal) क्या होता है इसके अर्थ को इसकी परिभाषा (definition) से इस प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है:
सीमांत घर्षण किसे कहते हैं ?
जब एक वस्तु किसी दूसरे वस्तु के पृष्ठ पर ठीक गति करने की स्थिति में होती है तो दोनों वस्तुओं के संपर्क तलों के बीच कार्य करने वाले अधिकतम घर्षण बल को ही सीमांत घर्षण कहा जाता है।
अर्थात जब कोई वस्तु किसी दूसरे वस्तु पर रखी होती है और किसी दूसरी वस्तु को चलाने के लिए उस पर बल लगाया जाता है तो शुरुआत में इसमें कम घर्षण बल लगता है लेकिन जैसे-जैसे वस्तु को आगे बढ़ाने के लिए बल के मान को बढ़ाया जाता है तो एक स्थिति ऐसी आती है की दूसरी वस्तु पहली वस्तु के उपर ठीक फिसलने के लिए तैयार हो जाती है तो इस स्थिति में दोनो वस्तुओ के संपर्क तलो के बीच जो अधिकतम घर्षण लगता है इसे ही सीमांत घर्षण कहा जाता है।